हमारी टीम

हमारे चिकित्सकों ने 6 जनवरी 2003 को जसलोक अस्पताल में देश में वैरिकोज वेंस का पहला दस्तावेजीकृत लेजर उपचार किया। लेज़र, रेडियोफ्रीक्वेंसी अबलेशन और फोम स्क्लेरोथेरपी विभिन्न तरह की तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए वैरिकोज वेंस की गैर शल्य चिकित्सा पद्धति से हज़ारों मरीज़ों को बहुत फायदा हुआ है। विशेषज्ञों की मूल्यवान राय लेने और उपचार कराने के लिए पूरे भारतवर्ष से और 30 से भी ज़्यादा अन्य देशों से मरीज़, डॉक्टर हाउस वेन केयर सेंटर आते हैं। हमारे सेंटर में हरेक मरीज़ के नसों की विस्तृत जाँच होती है जिसमें विस्तृत नैदानिक मूल्यांकन किया जाता है और उसके बाद अल्ट्रासाउंड जाँच एवं ज़रुरत पड़ने पर अन्य उन्नत जाँचें की जाती हैं। प्रत्येक मरीज़ के लिए विशेष उपचार विधि का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि कई मरीज़ों को पुराने तरीकों से ठीक किया जाता है जिसमें दवाइयाँ और संकुचित मोज़े दिए जाते हैं। जिनकी बीमारी गंभीर है या ज्यादा कष्टदायक है उन्हें उन्नत उपचार चुनने का विकल्प दिया जाता है। हमारे सहायक डॉक्टर और नर्स (पुरुष और महिला) उपचार के बाद हमारे मरीज़ों की जाँच करने और सँभालने में हमारी काफी मदद करते हैं। हमारी टीम, प्रमुख अस्पतालों जैसे जसलोक हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल से मान्यता प्राप्त हैं जहाँ मरीज़ों को ज़रुरत पड़ने पर दाखिल भी किया जाता है। 

मुख्य सलाहकार

डॉ शोएब पडरिया, एमडी डीएम, जो जसलोक हॉस्पिटल, मुंबई के पेरीफेरल वैस्कुलर इंटरवेंशन डिपार्टमेंट में 1991 से वरिष्ठ सलाहकार इंटरवेंशनल ह्रदय रोग विशेषज्ञ हैं।

केईएम हॉस्पिटल से स्नातकोत्तर के बाद उन्होंने ह्रदय और वैस्कुलर इंटरवेंशन में यूके और यूएसए से प्रशिक्षण लिया। धमनियों और शिराओं से संबंधित बीमारियों में अच्छा खासा अनुभव होने के कारण उन्होंने इस देश में वैरिकोज वेंस के एंडोवेनस पृथक्करण को लोकप्रिय बनाया।

वे वेनस एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के संस्थापकों में से एक हैं और उसके भूतपूर्व अध्यक्ष हैं। वो एशियन वेनस फोरम के पूर्व उपाध्यक्ष भी हैं और उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आमंत्रित लेक्चर और भाषण भी दिए हैं।

उनको अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ फ्लेबोलोजी का अन्तराष्ट्रीय सलाहकार बनाकर सम्मानित किया गया है। वे एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के गवर्नमेंट काउंसिल में शिराओं की बीमारियों के विशेषज्ञ हैं।

राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड

1. डॉ रावुल जिंदल, एमएस एफआरसीएस, एक वरिष्ठ वैस्कुलर सर्जन और मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल के वैस्कुलर सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रमुख भी हैं। धमनियों और शिराओं से संबंधित बीमारियों में काफी अनुभव रखने वाले डॉ जिंदल, उत्तर भारत के वैस्कुलर विशेषज्ञों में से एक हैं। वे इस समय वेनस एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष हैं।

2. डॉ रामकृष्ण पिंजल, एमएस, वैस्कुलर सर्जरी के प्रोफेसर हैं और हैदराबाद के निज़ाम्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ वैस्कुलर साइंसेज के वैस्कुलर सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रमुख भी हैं। वैस्कुलर क्षेत्र के एक जाने माने प्रमुख के साथ वो वेनस एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया और वैस्कुलर सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के पूर्वाध्यक्ष भी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड

1. डॉ मार्क मालौफ़, एमबीबीएस एफआरएसीएस एफआरसीएस, एक जाने माने वैस्कुलर सर्जन हैं जो वैरिकोज वेंस उपचार के विशेषज्ञ हैं और सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में अभ्यास कर रहे हैं। वे वैरिकोज वेंस प्रबंधन में एक प्राधिकारी हैं और वे वैस्कुलर सोसाइटी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया एवं अंतर्राष्ट्रीय यूनियन ऑफ़ फ्लेबोलोजी में प्रमुख स्थान ग्रहण कर चुके हैं। बहुत सारे प्रकाशनों के श्रेय के साथ, जटिल शिरा सम्बन्धी बीमारियों के प्रबंधन पर उनका आधिपत्य है।

अल्ट्रासाउंड टीम

1. डॉ विजय चावला: एमबीबीएस, एमडी। वे एक वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट हैं जो वैरिकोज वेंस के वेनस डोप्पलर जाँचों में दिलचस्पी रखते हैं। 1991 से उन्होंने हज़ारों वेनस डोप्पलर अल्ट्रासाउंड जाँचें की हैं और उन्होंने इस कठिन जाँच पर महारत हासिल की है।

2. डॉ अशिता जननी: एमबीबीएस, एमडी। वे एक वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट, शिरा सम्बन्धी बीमारियों के अल्ट्रासाउंड मूल्यांकन की विशेषज्ञा हैं।

Varicose Veins India © 2018 | All Rights Reserved

Website Designed 2 Tech Brothers

Drop in your contact details, and we will call you.

Testing

Our working hours are from
9.30 am to 6.00 pm Monday to Friday
9.30 am to 4.00 pm Saturdays