क्या ये सही है?

वैरिकोज वेंस, मर्दों की तुलना में औरतों में ज़्यादा पाया जाता है।

वैज्ञानिक रूप से कहा जाये तो शिराएं और कोशिकाएं, एस्ट्रोजन के प्रति बहुत संवेदनशील हैं, और मर्दों की तुलना में औरतों में वैरिकोज वेंस, स्पाइडर वेंस होने की सम्भावना ज्यादा रहती है।
वैरिकोज वेंस, औरतों में 3 गुना ज़्यादा आम है

गर्भावस्थाके कारण वेरिकोज वेंस होता है।

खुदगर्भावस्थाके कारण वेरिकोज वेंस नहीं होता है, लेकिन यदि आपके अन्तर्निहित शिरा वाल्व कमजोर हैं तो गर्भावस्थाके दौरान उनमें रिसाव शुरू हो सकता है, औरगर्भावस्थाके दौरान शिराएं अधिक दिखाई देने लायक बन जाती हैं। अधिकांश मामलों में,येफैलीहुई शिराएं, बच्चे को जन्म देने के बाद गायब हो जाती हैं। अधिकांश महिलाओं के मामले में यह बात सच है।
लेकिन बार-बार गर्भधारण के फलस्वरूप कमजोर शिरापरक वाल्व और ज्यादा क्षतिग्रस्त हो जाएगा, औरवेरिकोज वेंस की गंभीरता बढ़ जाएगी।

वेरिकोज वेंस से पीड़ित 405 महिलाओं का अध्ययन

अपनी शिराएं ठीक कराने से पहले आपको अपने परिवार के आने का इंतजार करना चाहिए।

जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है, गर्भावस्था के कारण वेरिकोज वेंस नहीं होता है, लेकिन यह उन्हें बद से बदतर बना देता है। इसलिए शिराओं को जितनी जल्दी ठीक कराया जाएगा:

वेरिकोज वेंस सिर्फ कॉस्मेटिक होते हैं और इन्हें सुरक्षित ढंग से अकेला छोड़ा जा सकता है।

यह सच नहीं है। यहाँ तक कि छोटे-छोटे स्पाइडर वेंस भी बहुत ज्यादा असुविधा जैसे जांघ में जलन और सुन्नता का कारण बन सकते हैं। यह आम तौर पर शिराओं के पास मौजूद छोटी-छोटी नसों में जलन पैदा होने के कारण होता है। यह देखा गया है कि स्क्लेरोथेरपी नामक तकनीक की मदद से ऐसे स्पाइडर वेंस का इलाज करने पर कई मरीजों को काफी राहत मिल सकती है। इनमें से कई स्पाइडर वेंस बारी-बारी से अन्तर्निहित परफोरेटर शिराओं से जुड़े होते हैं, जिन्हेंलम्बे समय तक राहत दिलाने के लिए बंद करना पड़ सकता है।

बड़ी वेरिकोज शिराओं के कारण कई मरीजों को दर्द या असुविधा नहीं भी हो सकती है। लेकिन, गुजरते वक्त के साथ, इन शिराओं में दबाव बढ़ने के कारण टखनों के आसपास की त्वचा काली पड़ जाएगी और उनका रंग बिगड़ जाएगा, त्वचा सूख जाएगी और खुजली होने लगेगी, औरन ठीक होने वाले घाव भी हो सकते हैं जिन्हें अल्सर या नासूर कहा जाता है।

कुछ मामलों में, इन बड़ी शिराओं में जमा हुआ खून, खून के थक्के (थ्रोम्बोसिस)में बदल सकता है। एक छोटा खून का थक्का टूटकर अलग हो सकता है और हृदय के बायीं तरफ से होकर फेफड़ों में पहुँच सकता है,जिससेएक जानलेवा परिस्थिति पैदा हो जाती है, जिसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म या फुफ्फुसीय अन्तःशल्यताकहा जाता है। कभी-कभी खून का थक्का, पैरों की गहरी शिराओं में घुस सकता है, जिससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस या गहरी शिरा घनास्त्रताहो सकती है। इसलिए, वेरिकोज वेंस को हल्के में नहीं लेना चाहिए!

लम्बे समय तक खड़े या बैठे रहने से वेरिकोज वेंस होता है।

लम्बे समय तक स्थिर होकर खड़े रहने के कारण शायद वेरिकोज वेंस नहीं होता है (क्योंकि यदि ऐसा होता तो भारतीय सेना के अधिकांश जवानों को वेरिकोज वेंस होता)। लेकिन, यदि अन्तर्निहित पैर पम्प फेल हो जाय या आपके पैर के वाल्व कमजोर हो जाएं तो लम्बे समय तक स्थिर होकर खड़े या बैठे रहने पर दोनों लक्षणों के होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी और वेरिकोज वेंस के बिगड़ने की रफ़्तार बद से बदतर हो जाएगी।

अक्रियता के कारण शिरा सम्बन्धी बीमारी और भड़क जाती है

वेरिकोज वेंस, पारिवारिक (वंशानुगत) होता है

यह वेरिकोज वेंस के बारे में एक “आम तौर पर जाना-माना” तथ्य है जो सच लगती है। वेरिकोज वेंस, पारिवारिक होता है। लेकिन, यह जरूरी नहीं है कि परिवार में प्रत्येक व्यक्ति को निश्चित रूप से वेरिकोज वेंस होगा। इसी तरह, यदि आपके परिवार में किसी कोकोई वेरिकोज वेंस नहीं है तब भी आपका लेग पम्प फेल हो सकता है, वाल्व फेल हो सकता है और वेरिकोज वेंस हो सकता है।

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